श्री अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया कि वे काला नमक चावल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में पूरा सहयोग करेंगे।
श्री अखिलेश यादव से भेंट करने वालों में प्रमुख थे सर्वश्री डॉ0 प्रमोद यादव, अनिल यादव, भगवान प्रसाद चौधरी, श्रीराम जायसवाल, इमामुद्दीन खा, विशाल यादव तथा शैलेश जायसवाल।
भेंट कर्ताओं ने बताया कि समाजवादी सरकार ने काला नमक की ब्रांडिंग कराने के साथ इससे सम्बन्धित शोध केन्द्र भी स्थापित किया था जिसे भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया है।
भाजपा सरकार में काला नमक चावल के उत्पादन को प्रोत्साहन देने की कहानी झूठी है। काला नमक चावल के उत्पादक किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिला। यह भी तय नहीं कि किसान अपनी फसल कहां बेचे। सरकारी वेयर हाउसिंग से कोई फायदा नहीं। किसान का चावल बिचौलिए औंने-पौने दाम पर खरीद लेते है।
समाजवादी सरकार के कार्यकाल में सिद्धार्थनगर में विश्वविद्यालय की स्थापना के समय यह भी उम्मीद की गयी थी कि इस विशेष उत्पादन के सम्बंध में शोध भी होगा। समाजवादी सरकार में किसानों के लाभ के लिए मंडी और किसान बाजार की व्यवस्था की गई थी। भाजपा ने इस सब की उपेक्षा की है।
काला नमक की ब्रांडिंग कराने के साथ इससे सम्बन्धित शोध केन्द्र अखिलेश यादव ने स्थापित किया था





