ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता एवं सचिव मौलाना यासूब अब्बास ने पुलिस आयुक्त लखनऊ से मुलाकात की और एक पत्र सौंपकर लखनऊ निवासी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है उन्होंने पत्र में कहा कि हमारे शहर लखनऊ पूरे विश्व में अपनी गंगा जमुनी तहजीब सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण माना जाता है लखनऊ वासी आपसी प्रेम सौहार्द और मेल मिलाप से रहकर अपने धार्मिक आयोजनों पर एक साथ मनाते हैं जिनसे देश की सांप्रदायिक ताकतें ईर्ष्या भाव रखती हैं और उन ताकतों के द्वारा विभिन्न समुदायों के आपराधिक छवि के व्यक्ति को अपने साथ मिलाकर उन के माध्यम से विभिन्न संप्रदायों के मध्य कटुता पैदा कर उसका राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया जाता है मौलाना यासूब अब्बास में पत्र में यह कहा कि लखनऊ निवासी से वसीम रिजवी जिसका व्यापक आपराधिक इतिहास रहा है पूरे विश्व पटल पर मुस्लिम वर्ग को आंदोलित और उग्र कर सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने की नियत से इस्लाम धर्म के प्रवर्तक रसूले खुदा मोहम्मद साहब और धार्मिक ग्रंथ पुराण के संबंध में झूठे असत्य और भ्रामक उल्लेख करते हुए तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करते हुए उसका प्रकाशन किया है जिसके माध्यम से उसके द्वारा रसूले खुदा मोहम्मद साहब का उपहास करते हुए उनके अश्लील हास्य चित्र के साथ पुस्तक स्वयं मुद्रित और प्रकाशित की है जो मुस्लिम एवं अन्य वर्गों के मध्य स्थापित धार्मिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की नियत से किया गया है मौलाना ने कहा कि वसीम रिजवी का यह कृत्य विद्वेष पूर्व है जिसके द्वारा हमारे धर्म और विश्वास का अपमान किया गया है उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन मान हानिकारक जानी हुई बात का मुद्रण बेचने की श्रेणी में आता है जिसका उद्देश्य नसता फैलाकर लोग शांति भागकर उक्त कथन के माध्यम से घृणा और कटुता की भावना उत्पन्न कर एक दूसरे के प्रति आंदोलित कर देश में अस्थिरता पैदा करना है मौलाना ने पत्र के माध्यम से पुलिस आयुक्त महोदय से अनुरोध किया है कि उक्त वसीम रिजवी निवासी सहआदतगंज लखनऊ के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा लिख कर वैधानिक कार्यवाही की जाए।
पुलिस कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।