नई दिल्ली। अफगानिस्तान के बिगड़ते हालात को देख भारत की कूटनीतिक गतिविधियां भी काफी तेज हो गई हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर न सिर्फ अफगानिस्तान के शीर्ष नेताओं से लगातार संपर्क में हैं बल्कि वहां के हालात को लेकर जिन दूसरे देशों की गहरी रुचि हैं उनके साथ भी लगातार विमर्श कर रहे हैं।
पिछले तीन दिनों में दुशांबे (ताजिकिस्तान) में कई देशों के साथ विमर्श के बाद जयशंकर गुरुवार को ताशकंद (उज्बेकिस्तान) पहुंचे हैं जहां शुक्रवार को एक अहम बैठक में वह हिस्सा लेंगे। इस बैठक में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी, पाकिस्तान के पीएम इमरान खान, अफगान मामले पर अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जाल्मई खलीलजाद समेत कई मध्य एशियाई देशों के शीर्ष नेता होंगे। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत की अमेरिका, रूस और चीन के साथ अलग अलग स्तर पर संपर्क में है।
गुरुवार का दिन विदेश मंत्री जयशंकर के लिए काफी गतिविधियों वाला रहा। पहले उनकी दुशांबे में ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई और जब वे ताशकंद पहुंचे तो वहां कजाखस्तान के विदेश मंत्री मुख्तार तिल्यूबर्दी के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों बैठकों में अफगानिस्तान का मुद्दा ही प्रमुखता से उठा। ये दोनों देश अफगानिस्तान के बिगड़ रहे हालात से सबसे ज्यादा ¨चतित भी हैं।