उत्तर प्रदेश के इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर फिर से समाजवादी पार्टी का कब्जा तय माना जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक उर्फ अंशुल यादव के अलावा अन्य किसी ने नामांकन पत्र नहीं खरीदा है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि शनिवार को वह निर्विरोध अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इटावा से दूसरी बार निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने जाएंगे। नामांकन में भीड़ की संभावना को लेकर जिला प्रशासन ने कक्ष के आसपास बैरिकेडिंग करवाकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक उर्फ अंशुल यादव ने अपने चाचा प्रसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के साथ रणनीति बनाकर चुनाव में 24 में से 18 अपने गठबंधन के सदस्य निर्वाचित करवा लिए। भाजपा और बसपा का एक-एक सदस्य विजयी हुआ। इसके चलते अंशुल यादव के समक्ष किसी अन्य ने नामांकन पत्र नहीं खरीदा।