भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से कहा कि वह पिछले सप्ताह नेशनल असेंबली में पेश विधेयक की खामियों को दूर करे, जिसमें कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि विधेयक में यह तय करने के लिए म्यूनिसिपल कोर्ट को अधिकार देने का प्रविधान है कि क्या राजनयिक पहुंच देने में विफल रहने के कारण जाधव के साथ कोई पूर्वाग्रह हुआ है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आइसीजे) ने इस मामले में पाकिस्तान को जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने का आदेश दिया था।
बागची ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हमने पाकिस्तान से विधेयक की खामियों को दूर करने के लिए कहा है। म्यूनिसिपल कोर्ट इस मामले में मध्यस्थ नहीं हो सकता कि किसी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह किया है अथवा नहीं। उन्होंने पड़ोसी देश से अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसलों का पालन करने के लिए भी कहा। बताते चलें कि भारतीय नौसेना के रिटायर अधिकारी को जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी।