वरिष्ठ अर्थशास्त्री और भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक बार फिर से भारत सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने ट्विटर पर कहा है कि कोरोना वायरस पर चीन से अमेरिका बात कर सकता है, लेकिन भारत नहीं। इसके लिए पीछे की वजह भी उन्होंने बताई है। जोकि काफी दिलचस्प है। आपको बता दें कि चीन के वुहान से ही कोरोना की शुरूआत हुई थी और उसके बाद पूरी दुनिया उसका प्रकोप झेल रही है। मौजूदा समय में अमरीका और उसके बाद भारत में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिले हैं।
भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में कहा है कि कोरोना वायरस पर अमेरिका चीन से सवाल कर रहा है, भारत क्यों नहीं? जिसका उन्होंने खुद ही उत्तर भी दिया। उन्होंने लिखा उत्तर है: अमरीका ने वुहान परियोजना को फाइनेंस किया है। ताकि प्रश्न पूछ सकें। वहीं भारत के नजरिए से देखें तो टीआईएफआर और पीएम के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने नागालैंड में वुहान परियोजना में भाग लिया और चीन से मानदेय प्राप्त किया। तो पूछ नहीं सकते।