प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने कहा है कि प्रदेश में आक्सीजन की कमी नहीं है, आवागमन में थोड़ा-सा समय लग जाने के कारण से कुछ समस्या उत्पन्न हुई है। जो छोटी-छोटी औद्योगिक इकाईयां आक्सीजन बना रही हैं उनकों अस्पतालों से जोड़ दिया गया है। लगभग 90 ऐसी इकाईयों को 285 अस्पतालों से जोड़ दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि हर अस्पताल में 36 घंटे की आक्सीजन उपलब्ध रहनी चाहिए। आक्सीजन की कोई भी कमी नहीं रहेगी।
श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में निजी लैब को टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी लैब के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर जो सैम्पल कलेक्ट कर रहे हैं उस प्रक्रिया को जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री को निर्देशित किया कि केजीएमयू को पूर्णतया कोविड अस्पताल में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में तेजी लायें।.