ईरान, अमेरिका और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पश्चिम एशिया में नया कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान ने लेबनान में सीज़फायर से जुड़ी परिस्थितियों के बाद कमर्शियल जहाजों के लिए होर्मुज मार्ग खोलने की घोषणा की है। इस फैसले को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
इस बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरें भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि बातचीत में ईरान ने कुछ प्रमुख शर्तें रखीं, जिनमें फ्रीज संपत्तियों की रिहाई, क्षेत्र में तनाव घटाना, सुरक्षित समुद्री आवाजाही और अमेरिकी सैन्य उपस्थिति में कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की मांगों का मकसद क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और युद्ध जैसे हालात से बचाव है। वहीं, अमेरिकी पक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं, जिससे यह साफ है कि स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुचारु रहती है, तो इसका असर न सिर्फ पश्चिम एशिया, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ेगा। ऐसे में यह घटनाक्रम मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
हॉर्मुज कूटनीति में नया मोड़, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही खुलने से मध्य-पूर्व में शांति की उम्मीद न्यूज़ कॉपी:



