दिल्ली, 21 फरवरी 2026:** विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने पूरे भारत में 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान की है और छात्रों को इनमें दाखिला न लेने की सख्त चेतावनी दी है। इनमें सबसे ज्यादा 12 फर्जी संस्थान दिल्ली में पाए गए हैं।
UGC के अनुसार, ये संस्थान बिना किसी मान्यता के डिग्री बांटते हैं, जो नौकरी, उच्च शिक्षा या सरकारी सेवाओं के लिए बिल्कुल अमान्य होती हैं। पिछले दो सालों में ऐसे फर्जी संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 32 हो गई है, जो अब 12 राज्यों में फैल चुकी है। उत्तर प्रदेश में 4, जबकि केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 2-2 तथा हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में 1-1 फर्जी यूनिवर्सिटी हैं।
दिल्ली के प्रमुख फर्जी विश्वविद्यालय
– All India Institute of Public and Physical Health Sciences
– Commercial University Limited
– United Nations University
– Vocational University
– ADR Centric Juridical University
– Indian Institute of Science and Engineering
– Vishwakarma Open University for Self Employment[1][2]
UGC ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता आधिकारिक UGC वेबसाइट पर जरूर जांच लें। ये फर्जी संस्थान कम फीस और त्वरित डिग्री का लालच देकर युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में इस बढ़ती प्रवृत्ति ने चिंता की लकीरें खींच दी हैं।[1][3]





