जेनेवा, 2026: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने ईरान के खिलाफ पश्चिमी देशों के प्रस्ताव पर ‘नो’ वोट देकर उसका मजबूती से साथ दिया।
ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने X पर भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए इसे सैद्धांतिक समर्थन बताया।
प्रस्ताव व भारत का रुख 23 जनवरी को लाए गए प्रस्ताव में ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर कथित दमन की जांच गहराने की मांग थी
, जिसे भारत ने राजनीतिक रूप से प्रेरित माना। भारत समेत चीन, पाकिस्तान, इराक, इंडोनेशिया, क्यूबा व वियतनाम ने विरोध किया,
लेकिन 25 देशों के समर्थन से प्रस्ताव पास हो गया।राजनीतिक पृष्ठभूमिउपयोगकर्ता द्वारा उल्लिखित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान संबंधी बयान से यह सीधा जुड़ा नहीं पाया, क्योंकि यह UNHRC का मानवाधिकार मुद्दा था न कि सामान्य UN सभा।
भारत ने संप्रभुता व गैर-हस्तक्षेप सिद्धांतों पर जोर देते हुए स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय दिया।
ईरान ने इसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रमाण माना।




