मेजर शैतान सिंह के बलिदान दिवस पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद किया है। 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांग ला में उनकी कंपनी के शौर्यपूर्ण प्रतिरोध ने देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण की उच्चतम भावना को दर्शाया है।
*मेजर शैतान सिंह की वीरता*
मेजर शैतान सिंह ने 1962 के युद्ध में अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व का परिचय दिया था। उनकी कंपनी ने रेजांग ला में चीनी सेना के हमले का डटकर सामना किया और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। मेजर शैतान सिंह ने अपने प्राणों की आहुति देते हुए देश की रक्षा की ¹ ² ³।
*परमवीर चक्र से सम्मानित*
मेजर शैतान सिंह को उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। यह भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को दिया जाता है।
*देश के लिए प्रेरणा*
मेजर शैतान सिंह की वीरता और बलिदान देश के लिए एक प्रेरणा है। उनकी कहानी हमें देश के प्रति अपने कर्तव्य और समर्पण की याद दिलाती है।




