लखनऊ में बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि और मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “सत्यं वद, धर्मं चर” की मूल भावना को अपनाने की जरूरत है, जिसका अर्थ है जीवन में सत्य बोलना और धर्म का आचरण करना ¹।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में जब कोई स्नातक गुरुकुल से बाहर निकलता था, तो कुलगुरु उसे “सत्यं वद, धर्मं चर” की दीक्षा देते थे। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न हम सबके सामने सदैव बना रहना चाहिए और इसीलिए कृतज्ञता का भाव हमारे मन में हमेशा होना चाहिए ¹।
इस दीक्षांत समारोह में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की विकास यात्रा आगे भी जारी रहेगी और युवाओं को अपनी प्रतिभा का प्रयोग प्रदेश और देश की उन्नति के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने और रोजगार के अधिक से अधिक मौके उपलब्ध कराने पर निरंतर काम कर रही है ² ³।




