कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का बयान दिवाली पर पटाखों के मुद्दे पर है, जहां उन्होंने पटाखों पर रोक लगाने की बात करने वालों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जो लोग दिवाली पर पटाखों पर रोक लगाने की बात करते हैं, वे बकरीद और मोहर्रम पर क्यों नहीं बोलते? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि दिवाली के अवसर पर जमकर पटाखे फोड़ने चाहिए और जो लोग पटाखों पर रोक लगाने की बात करते हैं, उन पर “सुतली बम” रख देने चाहिए।
मौलाना तौकीर रजा ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि दिवाली रोशनी का त्योहार है, न कि धमाकों और पटाखों का। उन्होंने कहा कि अगर आतिशबाजी से प्रदूषण फैलता है, तो वह खुशी नहीं हो सकती। तौकीर रजा ने पटाखों पर नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी धर्म गुरुओं से जागरूकता फैलाने की अपील की।
दिवाली पर पटाखों के मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई है, जिसमें धीरेंद्र शास्त्री पटाखों के पक्ष में हैं और मौलाना तौकीर रजा प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण के कारण पटाखों पर नियंत्रण की बात कर रहे हैं ¹ ².




