26 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण शुरू करने से पहले ही कई देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध में सभागार से वॉकआउट कर दिया। यह विरोध गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों और फिलिस्तीनियों के खिलाफ कथित अत्याचारों, जिन्हें कुछ ने नरसंहार (जेनोसाइड) करार दिया है, के खिलाफ था। नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में हमास के खिलाफ सैन्य अभियान को “पूरा करने” की बात दोहराई और फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता को “शर्मनाक” बताया। इस दौरान न्यूयॉर्क में हजारों प्रदर्शनकारियों ने “फ्री फिलिस्तीन” और “गाजा में भुखमरी बंद करो” जैसे नारे लगाए।
प्रमुख बिंदु:
-वॉकआउट करने वाले देश: ईरान, स्पेन, नॉर्वे, आयरलैंड, ग्रीस, दक्षिण अफ्रीका, किर्गिस्तान, चिली, ब्राजील, बोत्सवाना, ट्यूनीशिया, सोमालिया, मोरक्को, कतर, सऊदी अरब, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, और फिलिस्तीन सहित अन्य।
न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में हजारों लोग इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें फिलिस्तीनी झंडे लहराए गए और “हथियार प्रतिबंध” की मांग की गई।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, और दक्षिण अफ्रीका ने गाजा में नरसंहार के आरोप में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में मामला दायर किया है।
– **नेतन्याहू का रुख**: उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता को खारिज करते हुए कहा कि यह इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा है और हमास के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा।
समय 26 सितंबर 2025, सुबह (न्यूयॉर्क समय), लगभग 17:30 IST (भारतीय समय)
न्यूयॉर्क टाइम्स, अल जजीरा, बीबीसी न्यूज, मिडिल ईस्ट आई, द टाइम्स ऑफ इजरायल में हुई न्यूज़ प्रकाशित



