उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025’ को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनाना है। नीति के प्रमुख बिंदु हैं ¹ ²:
– *निवेश आकर्षण*: केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के साथ उत्तर प्रदेश की ओर से टॉप-अप इंसेंटिव दिया जाएगा।
– *सुविधाएं और प्रोत्साहन*: पूंजीगत निवेश पर आकर्षक सब्सिडी, अतिरिक्त लाभ, स्टाम्प शुल्क एवं बिजली शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान, लॉजिस्टिक्स और संचालन सहायता जैसे प्रावधान शामिल हैं।
– *रोजगार सृजन*: यदि निवेशक प्रदेश में रोजगार सृजित करता है और प्रदेश के युवाओं को वरीयता देता है, तो उसे विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
– *पारदर्शिता और समयबद्धता*: नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी।
– *एकल विंडो प्रणाली*: निवेशकों को एकल विंडो प्रणाली के माध्यम से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
– *ईज ऑफ डूइंग बिजनेस*: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
– *उद्योगों की जरूरतें*: युवाओं के लिए रोजगार सृजन को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाएगा और कौशल विकास कार्यक्रम उसी के अनुरूप संचालित होंगे।
*लक्ष्य और संभावनाएं*
– अगले 5 वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का लक्ष्य।
– लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य।
– राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाए जाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान।
– वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से लगभग 37 हजार करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात किए गए।
– वर्ष 2014-15 में देश में 1.9 लाख करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनते थे, जो 2024-25 में बढ़कर 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए। ¹ ²




