अमर शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी एक महान क्रांतिकारी थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे “काकोरी घटना” के मुख्य नायक थे, जिसमें उन्होंने और उनके साथियों ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था।
राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी का जन्म 23 जून 1901 को बंगाल के पाबना जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा कलकत्ता विश्वविद्यालय से प्राप्त की और बाद में क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए।
काकोरी घटना 9 अगस्त 1925 को हुई थी, जब राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी और उनके साथियों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन को लूटने की कोशिश की थी। इस घटना में उन्होंने और उनके साथियों ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ विद्रोह किया था।
राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी को इस घटना के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने 17 दिसंबर 1927 को फांसी के फंदे को चूमकर अपना जीवन समर्पित कर दिया था।
राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जी का संदेश यह था कि भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए हमें अपना जीवन समर्पित करना होगा। उन्होंने कहा था, “मैं मरने नहीं, बल्कि आजाद भारत में पुनर्जन्म लेने जा रहा हूं।”
उनकी मनोकामना यह थी कि भारत एक स्वतंत्र और समृद्ध देश बने, जहां सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा था, “भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए हमें अपना जीवन समर्पित करना होगा, लेकिन हमें यह भी याद रखना होगा कि स्वतंत्रता के बाद हमें एक समृद्ध और सशक्त भारत बनाने के लिए काम करना होगा।”





