मॉस्को, 11 मार्च 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा रखकर देश के करोड़ों मुसलमानों के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। यह कदम रूस की बहुलवादी संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां इस्लाम को पारंपरिक धर्म के रूप में मान्यता दी जाती है।पुतिन ने मॉस्को की ऐतिहासिक मस्जिद में विशेष इफ्तार समारोह में शिरकत की, जहां उन्होंने मुस्लिम समुदाय के नेताओं के साथ रोज़ा तोड़ा। उन्होंने कहा, “रूस एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मों का सम्मान होता है। इस्लाम हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है, और रोज़ा रखकर मैं इस एकता को मजबूत करना चाहता हूं।” यह पहला मौका नहीं है जब पुतिन ने मुसलमानों के प्रति ऐसा समर्थन दिखाया—पहले भी उन्होंने कुरान का सम्मान करने और इस्लामोफोबिया के खिलाफ़ सख्त रुख अपनाया है।रूस में लगभग 25 मिलियन मुसलमान रहते हैं, जो आबादी का 15-20% हैं। पुतिन की यह पहल चेचन्या के नेता रमज़ान कादिरोव जैसे सहयोगियों के साथ उनके मजबूत संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ़ लड़ाई में सूफी इस्लाम को बढ़ावा दिया, जबकि कट्टरपंथी विचारधाराओं पर पाबंदी लगाई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रूस की आंतरिक एकता को मजबूत करेगा।रमज़ान 2026 के इस पवित्र अवसर पर पुतिन का यह निर्णय सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां मुस्लिम समुदाय ने इसे ऐतिहासिक बताया। राष्ट्रपति ने अंत में दुआ की कि अल्लाह सभी पर रहम करे और दुनिया में शांति बनी रहे।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने रखा रोज़ा, मुसलमानों के प्रति दिखाया सम्मान शाबू ज़ैदी





