कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद, जिसमें स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) द्वारा नियुक्त 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती को रद्द कर दिया गया था, शिक्षकों ने जोरदार धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने भी 3 अप्रैल, 2025 को बरकरार रखा, जिसके बाद प्रभावित शिक्षकों में आक्रोश और अनिश्चितता बढ़ गई।
7 अप्रैल, 2025 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन बर्खास्त शिक्षकों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने अपनी बात रखी और अपनी नौकरी बचाने की गुहार लगाई। ममता बनर्जी ने उनकी पूरी बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वह उनकी स्थिति को समझती हैं और उनकी नौकरी को बचाने के लिए प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा, “आप लोग नौकरी करें, कोई आपको नहीं हटाएगा।” यह बयान शिक्षकों के लिए कुछ राहत की बात हो सकता है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाएगी।
ममता बनर्जी ने पहले भी इस फैसले पर मानवीय आधार पर असहमति जताई थी और संकेत दिया था कि उनकी सरकार प्रभावित शिक्षकों के पक्ष में खड़ी रहेगी। इस मुलाकात को शिक्षकों के धरना प्रदर्शन के जवाब में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन मामले का अंतिम परिणाम अभी भी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करता है।



