New Delhi : कोरोना आपदा की वजह से अभी स्कूलों को खुलने में और वक्त लगेगा। स्कूल खुलने के बाद भी एटेन्डेन्स अनिवार्य नहीं होगा। आना या न आने की छूट दी जायेगी छात्रों और अभिभावकों को। स्कूल खुलने के बाद भी सिर्फ ऐसे बच्चों को ही स्कूल बुलाया जायेगा जो संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। जिनके पास मोबाइल, इंटरनेट और टीवी आदि नहीं है। जो छात्र घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं, उन्हें ऑनलाइन ही पढ़ाया जायेगा।
इससे स्कूलों में छात्रों की भीड़ नहीं जमा होगी। सोशल डिस्टेन्शिंग के प्रावधानों का भी आसानी से पालन कराया जा सकेगा। बड़ी संख्या में अभिभावकों ने संक्रमण का खतरा टलने तक मंत्रालय को ऑनलाइन पढ़ाई कराने का ही सुझाव दिया है। फिलहाल इन सारी परिस्थितियों के बीच मंत्रालय स्कूलों को खोलने की तैयारी में जुटा हुआ है। इधर अभिभावकों और टीचर्स की डिमांड पर इस चालू शैक्षणिक सत्र में पाठ्यक्रम और इंस्ट्रक्शन आवर्स में कमी करने की दिशा में प्रयास शुरू किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है- वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर और माता-पिता, शिक्षकों से बहुत सारे अनुरोध प्राप्त करने के बाद, हम आने वाले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाठ्यक्रम और निर्देशात्मक घंटों में कमी के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।