सूरत, गुजरात: गुजरात के सूरत शहर में शनिवार, 5 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस समय चर्चा में आया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि सूरत पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
प्रदर्शनकारी महिलाएं वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरी थीं। उनका कहना था कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, जिसमें महिलाएं नारे लगा रही थीं और बैनर-पोस्टर के जरिए अपनी मांगें उठा रही थीं। लेकिन स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की चेतावनी दी, लेकिन जब महिलाएं अपनी जगह से नहीं हटीं, तो पुलिस ने सख्ती दिखाई। कई महिलाओं ने दावा किया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और कुछ को जबरन हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच तनातनी साफ दिखाई दे रही है।
इस मामले में मुस्लिम संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और पुलिस का यह रवैया लोकतंत्र के खिलाफ है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके चलते उन्हें हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस ने यह भी दावा किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया।
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। इस विधेयक को हाल ही में संसद में पारित किया गया है, जिसके बाद से कई शहरों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसे अपने धार्मिक और संपत्ति अधिकारों पर हमला मानता है, जबकि सरकार का दावा है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए लाया गया है।
सूरत की इस घटना ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने कहा, “हम अपनी बात शांतिपूर्वक रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने हमें मौका ही नहीं दिया। यह हमारी आवाज दबाने की कोशिश है।” वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समुदायों के बीच तनाव बढ़ा सकती हैं।
फिलहाल, हिरासत में ली गईं महिलाओं को थाने ले जाया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद सूरत में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
सूरत में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन, पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप




