समाजवादी व्यापार सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप जायसवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमण्डल ने आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव से मिलकर केन्द्रीय बजट में कुछ महत्वपूर्ण मांगों को शामिल किए जाने का ज्ञापन दिया।
समाजवादी व्यापार सभा के ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले एक दशक से व्यापारी केन्द्र सरकार द्वारा लागू जटिल जीएसटी, नोटबंदी, अनियोजित कोविड-19 का लॉक डाउन व अन्य व्यापारी विरोधी कानूनों से व्यापार में निरन्तर गिरावट आती जा रही है।
समाजवादी व्यापार सभा के प्रतिनिधिमण्डल में सर्वश्री राम बाबू रस्तोगी, डॉ0 अजय चौरसिया, संतोष सेठिया, कमलेश गुप्ता एवं पवन यादव शामिल थे।
समाजवादी व्यापार सभा के ज्ञापन में इन प्रमुख मांगों को शामिल करने की मांग की गई हैः- ऑनलाइन व्यापार के लिए रेगुलेट्री एक्ट बने, ऑनलाइन व्यापार से खुदरा व्यापार को बचाने के लिए ऑनलाइन व्यापार पर अतिरिक्त टैक्स/सरचार्ज लगाया जाए अर्थात् भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन की ळैज् दर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दी जाये, जिससे ऑनलाइन खरीदारी पर लगाम लगे और आम उपभोक्ता बाजार में निकल कर आये ताकि छोटे व्यापारियों का व्यापार चल पाये व रुपया बाजार में सर्कुलेट हो पाये और जिससे नगदी की समस्या का समाधान हो पाये। सूक्ष्म उद्योगों को सफल करने के लिए एक अलग से मंत्रालय बनाया जाये, सूक्ष्म उद्योगों को ऋण लेने में सहायता व कम ब्याज लिया जाये। उन्हें कम ब्याज पर बैंको से ऋण एवं सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाये तथा बिजली दरों में भी छूट दी जाए।
व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जीएसटी के तहत टैक्स के दो स्लैब ही होने चाहिए। पंजीकृत व्यापारियों के लिए मेडिक्लेम की सुविधा होनी चाहिए। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाया जाएं। जीएसटी के तहत धारा 129 को सरल किया जाए। यह भी मांग की गई है कि सोने पर कस्टम ड्यूटी कम की जाए। करदाता वरिष्ठ व्यापारियों को पेंशन की सुविधा दी जाए। मंडी शुल्क खत्म किया जाए। अन्नदाता किसानों के प्रयोग में आने वाले ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, बीज, खाद्य इत्यादि पर जी.एस.टी शून्य कर किसानों की लागत कम की जाए।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
सपा व्यापार सभा का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला और ज्ञापन सौपा




