केंद्र सरकार ने संसद में वक्फ संशोधन विधेयक लाने से पहले बुधवार (26 मार्च 2025) को सभी सांसदों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में वक्फ संशोधन विधेयक पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्लियामेंट के कोऑर्डिनेशन रूम नंबर 5 में सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे तक एक घंटे के लिए सभी सांसदों को वक्फ विधेयक पर जानकारी दी जाएगी ¹।
वक्फ संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियां केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमलावर हैं। यह बिल वक्फ एक्ट, 1995 में संशोधन करता है और वक्फ की स्थापना, प्रबंधन और संरचना से संबंधित कई प्रावधानों में बदलाव करता है ¹।
वक्फ संशोधन बिल के मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं:
– *वक्फ की स्थापना*: बिल में कहा गया है कि कम से कम पांच वर्ष तक इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही वक्फ की घोषणा कर सकता है।
– *वक्फ का सर्वेक्षण*: बिल में जिला कलेक्टर को सर्वेक्षण का अधिकार दिया गया है।
– *वक्फ के तौर पर सरकारी संपत्ति*: बिल में कहा गया है कि वक्फ के रूप में पहचानी गई कोई भी सरकारी संपत्ति वक्फ नहीं रहेगी।
– *केंद्रीय वक्फ परिषद*: बिल में परिषद में नियुक्त सांसदों, पूर्व न्यायाधीशों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के लिए मुस्लिम होने की आवश्यकता को हटाता है।
– *वक्फ बोर्ड्स की संरचना*: बिल में राज्य सरकार को यह अधिकार देता है कि वह उपरिलिखित समूहों में से प्रत्येक के एक व्यक्ति को बोर्ड में नामित कर सकती है। उनका मुस्लिम होना जरूरी नहीं है।




