लोहिया संस्थान की रेजिडेंस लोकप्रिय डॉ शारदा सुमन के फेफड़े प्रत्यारोपण करने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा, अभी तक कोई फेफड़ा डोनेटर नहीं मिल सका है |लेकिन संस्थान के अनुसार उनकी स्थिति में पहले से जरूर सुधार है |मगर अभी भी फेफड़े मिलने का इंतजार है ऐसे व्यक्ति को दुर्घटना या ब्रेन डेड व्यक्ति का फेफड़ा आम तौर पर प्रत्यारोपण मैं इस्तेमाल किया जा सकता है डॉ शारदा सुमन को लोहिया संस्थान से 11 जुलाई को एयरपोर्ट तक ग्रीन कालीडोर बना कर ले जाया गया था यहां से उन्हें एयर एंबुलेंस से हैदराबाद भेजा गया था वहां एक निजी अस्पताल में आईसीयू में उन्हें फेफड़े प्रत्यारोपण के लिए भर्ती किया गया था
