नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा बहुप्रतीक्षित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को कल, 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मौजूदा बजट सत्र, जो 4 अप्रैल तक चलेगा, के दौरान इस विधेयक को चर्चा के लिए लाया जाएगा। यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर विपक्ष और मुस्लिम संगठनों के बीच तीखा विरोध भी देखने को मिल रहा है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने इस मुद्दे को और गरमा दिया है।
वक्फ संशोधन बिल 2024: क्या है मुख्य मकसद?
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पहली बार अगस्त 2024 में लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजा गया, जिसने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस बिल में वक्फ अधिनियम 1995 में 40 से अधिक संशोधन प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण
लोकसभा में कल वक्फ संशोधन बिल 2024 होगा पेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ पर दिया बड़ा बयान




