लखनऊ एरा मेडिकल कालेज पर भरोसा करते हुए प्रदेश सरकार ने एक बार फिर से एरा को कोविड 19 अस्पताल घोषित किया। एरा को लेवल-3 का कोविड अस्पताल बनाया गया है। इसके साथ कल से ही कोरोना संक्रमित मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला शुरू होगा।
कल रात तक एक दर्जन के करीब संक्रमित गंभीर कोरोना मरीजों को एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इस बार एरा में नॉन कोविड मरीजों का उपचार और ओपीडी भी जारी रहेगी। दूसरे मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कोरोना के मरीजों के लिए अलग भवन की व्यवस्था की गयी है। कोरोना संक्रमित मरीजों के आने जाने का रास्ता भी अलग रखा गया है। एरा में ओपीडी और दूसरी बीमारियों का उपचार पहले की तरह जारी रहेगा।
गौरतलब है कि एरा मेडिकल कॉलेज को मार्च 2020 में प्रदेश का सबसे बड़ा 400 बेड का लेवल-3 कोविद हॉस्पिटल प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया था। बाद में बेड की संख्या को 400 से बढ़कार 420 कर दिया गया था। इस दौरान एरा मेडिकल कॉलेज ने तीन हजार से अधिक कोरोना मरीजों का सफल उपचार किया था। एरा का रिकवरी दर भी सबसे बेहतर दर्ज किया गया था। कोरोना उपचार में उत्कूष्ट कार्य के लिए एरा को राष्ट्रीय स्तर पर स्काच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया था। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट के कारण 2 फ रवरी को प्रदेश शाशन द्वारा एरा मेडिकल कॉलेज को नॉन कोविद 19 अस्पताल बना दिया गया था। अब एक बार फिर से एरा को कोरोना मरीजों की जिम्मेदारी सरकार द्वारा दी गयी है।
एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एमएमए फरीदी ने कहा कि अब हमारे लिए कोरोना नई बीमारी नहीं है। अब हमारे कोरोना मरीजों के तीमारदारी में तजुर्बा है और संसाधान भी। हमारे डाक्टर और मेडिकल स्टाफ पहले से ही ट्रेन है। हमारी कोशिश होगी कि एरा आने वाला कोरोना का हर मरीज का सफल इलाज कर उसे सही सलामत घर भेजा जाये। उन्होंने कहा कि कोरोना के इलाज में एरा मेडिकल कालेज का रिकार्ड काफी बेहतर रहा है, सरकार ने एक बार फिर से हम पर विश्वास किया है, हम सरकार की मंशा पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।