रूस ने हाल ही में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को मान्यता देने का फैसला किया है। रूसी संघ के राजदूत दिमित्री झिरनोव ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की और इस फैसले की जानकारी दी। तालिबान के विदेश मंत्रालय ने भी इस बात की पुष्टि की है।
*रूस के इस फैसले के पीछे के कारण:*
– *तालिबान को आतंकवादी सूची से हटाना*: रूस ने 2003 में तालिबान को आतंकवादी संगठन घोषित किया था, लेकिन अब उसे इस सूची से हटा दिया गया है। यह कदम मास्को की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव का संकेत देता है।
– *द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना*: रूस का उद्देश्य अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तालिबान को आतंकवाद के खिलाफ एक संभावित भागीदार बताया है।
– *क्षेत्रीय सुरक्षा*: रूस को लगता है कि तालिबान के साथ संबंध बनाने से क्षेत्रीय सुरक्षा में मदद मिल सकती है, खासकर चरमपंथी संगठनों से निपटने में ¹ ² ³.
*अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:*
– *मानवाधिकारों पर चिंता*: तालिबान की मानवाधिकार नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बनी हुई है, खासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर।
– *अन्य देशों की भूमिका*: अब देखना होगा कि अन्य देश तालिबान सरकार को मान्यता देने के मामले में क्या कदम उठाते हैं ¹.





