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योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती नदी की स्वच्छता और पुनर्जीवन के लिए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा की है

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर गोमती तट की स्वच्छता के सम्बन्ध में टेरिटोरियल आर्मी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री जी ने बैठक में ‘स्वच्छ, अविरल और निर्मल गोमती’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पीलीभीत से गाजीपुर तक प्रवाहित गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और जीवनधारा की प्रतीक है। गोमती का पुनर्जीवन केवल जल शुद्धिकरण का नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण के पुनर्संवर्धन का व्यापक अभियान है। यह मिशन पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी साझा प्रतिज्ञा का प्रतीक बनेगा।

‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’… यह केवल एक प्रशासनिक परियोजना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से चलने वाली एक जन-आंदोलनात्मक पहल होगी।

गोमती में एक बूंद सीवरेज न गिरे, इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए: #UPCM MYogiAdityanath

गोमती नदी किनारे बसीं अवैध बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि गोमती के तटों पर स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ का दायरा पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती नदी के सम्पूर्ण प्रवाह क्षेत्र को कवर करेगा, जिससे गोमती अपने पूरे विस्तार में स्वच्छ, अविरल और निर्मल रूप पुनः प्राप्त कर सके: #UPCM MYogiAdityanath

‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ के अंतर्गत नगरीय सीवेज का 95 प्रतिशत से अधिक अवरोधन, नदी प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना और नदी तटीय पारिस्थितिकी के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह मिशन केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन का माध्यम बनेगा। कार्ययोजना के अन्तर्गत लखनऊ में इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड विकसित किए जाएंगे। नदी किनारे के अवैध अतिक्रमणों को हटाने, घाटों के सौंदर्यीकरण और तटीय हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबन्ध लागू किया जाएगा, क्योंकि सीवर सिस्टम को चोक करने और प्रदूषण बढ़ाने में इसकी बड़ी भूमिका है: #UPCM MYogiAdityanath

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत इसी वर्ष जनवरी में गठित गोमती टास्क फोर्स में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक, सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी सम्मिलित किया गया है।

इनमें बीबीएयू लखनऊ के प्रो. (डॉ.) वेंकटेश दत्ता और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के सह-संस्थापक ले. कर्नल देवेन्द्र चौधरी (सेवानिवृत्त) प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह टास्क फोर्स शासन और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है: #UPCM MYogiAdityanath

#UPCM MYogiAdityanath को अवगत कराया गया कि गोमती टास्क फोर्स द्वारा अब तक नदी तटों पर पैदल और नौका गश्त, एक हजार टन से अधिक जलकुम्भी की सफाई, नालों का सर्वेक्षण कर प्रदूषण स्रोतों की पहचान तथा 100 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 70,000 से ज्यादा नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।

‘नदी योग अभियान’ के अंतर्गत 21 अप्रैल से 21 जून 2025 तक 5 प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन योग, घाट-सफाई और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 50,000 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया और 300 टन से अधिक जलकुम्भी हटाई गई।

गोमती का जल जीवन का आधार है। इसे स्वच्छ, अविरल तथा निर्मल बनाए रखना उत्तर प्रदेश की नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।

टास्क फोर्स की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए और प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता व जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए: #UPCM MYogiAdityanath

गोमती पुनर्जीवन मिशन के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर, एक्सकेवेटर और अन्य उपकरण की उपलब्धता में सरकार किसी प्रकार की कमी नहीं होने देगी।

यह मिशन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की सहभागिता से संचालित एक संकल्प यात्रा बनेगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में शैक्षणिक व अन्य सामाजिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि यह मिशन एक जन-आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सके।

जब समाज और शासन साथ कदम बढ़ाएंगे, तभी गोमती अपनी स्वाभाविक निर्मलता और जीवनदायिनी धारा पुनः प्राप्त कर सकेगी: #UPCM MYogiAdityanath
न्यूज़ एवं हटिंग

योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती नदी की स्वच्छता और पुनर्जीवन के लिए *‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’* की घोषणा की है, जो पीलीभीत से गाजीपुर तक नदी के पूरे प्रवाह क्षेत्र को कवर करेगा। इसका लक्ष्य नदी को स्वच्छ, अविरल और निर्मल बनाने के साथ उसकी सांस्कृतिक व पर्यावरणीय विरासत को पुनर्स्थापित करना है।

### मिशन के मुख्य उद्देश्यों
– नगरीय सीवेज का 95% से अधिक अवरोधन
– गोमती प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना
– तटीय पारिस्थितिकी का पुनरुद्धार
– नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन

### रणनीति और कार्ययोजना
– अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रदूषण नियंत्रण उपाय
– इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड का विकास
– नदी किनारे के अवैध अतिक्रमणों का हटाना
– घाटों का सौंदर्यीकरण और तटीय हरियाली बढ़ाना
– सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध

### सुरक्षा और स्वच्छता उपाय
– घुसपैठियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई
– ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर, एक्सकेवेटर आदि उपकरणों की उपलब्धता
– प्रदूषण स्रोतों की पहचान और रोकथाम

### टास्क फोर्स की भूमिका
– राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गठित गोमती टास्क फोर्स
– शासन और समाज के बीच सेतु की भूमिका
– पैदल और नौका गश्त, 1000 टन से अधिक जलकुंभी की सफाई
– 100+ जागरूकता कार्यक्रमों में 70,000 से अधिक नागरिकों की भागीदारी
– ‘नदी योग अभियान’ के तहत 50,000+ प्रतिभागियों द्वारा 300 टन जलकुंभी हटाना
पारदर्शिता और जनसहभागिता
– मासिक बैठकें और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट
– जनप्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी
– व्यापक जनजागरूकता अभियान

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