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यादें भूले बिसरे कि – The Revolution News
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यादें भूले बिसरे कि

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पुलिस ने तुम्हें चारों ओर से घेर लिया। भलाई इसी में है कि तुम खुद को सरेंडर कर दो”।
50 से लेकर 60 दशक में लगभग हर दूसरी फिल्म में आपने यह डायलॉग सुना होगा, – यह डायलॉग बोलने वाले ऐक्टर का नाम था #जगदीश_राज।

जगदीश राज का जन्म साल 1928 में ब्रिटिश भारत के सरगोधा में हुआ था जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। इनके नाम एक विशेष रिकॉर्ड है जिससे संभवता कम ही लोग परिचित होंगे।

जगदीश राज ने अपने 65 साल के करियर में करीब 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाया। एक वक्त ऐसा भी आया, जब किसी भी फिल्म की कहानी लिखते वक्त डायरेक्टर पहले ही तय कर लेता था कि जगदीश राज ही पुलिस इंस्पेक्टर का रोल निभाएंगे।

जगदीश राज ने ‘हम दोनों’, ‘काला बाज़ार’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘गैंबलर’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘दीवार’ जैसी हिट फ़िल्मों में काम किया।
80 और 90 के दशक से फ़िल्मों में उनकी सक्रियता कम होने लगी। उन्होंने ‘देव आनंद’ से लेकर ‘अमिताभ बच्चन’ जैसे अत्यधिक सफ़ल अभिनेताओं के साथ काम किया।

कुछ फ़िल्मों में इन्होंने न्यायाधीश या चिकित्सक का किरदार भी निभाया। ‘सीआईडी’, ’12 ओ क्लॉक’, ‘कानून’, ‘वक्त’, ‘रोटी’, ‘इत्तेफ़ाक’, ‘सफर’, ‘जॉनी मेरा नाम’ आदि फ़िल्मों में पुलिस निरीक्षक का अभिनय मिलने के बाद इन्होंने पुलिस की वर्दी सिलवा ली थी और फ़िल्म निर्माता का फोन आते ही वर्दी के साथ शूटिंग पर पहुंच जाते थे।

इसी के कारण उनका नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ (Guinness Book Of World Records) में भी दर्ज किया गया था। लेकिन यह नाम कैसे दर्ज किया गया था, इसके पीछे बड़ा ही दिलचस्प किस्सा है।

जगदीश राज ने बताया था, ‘1960 में हॉलिवुड के एक बड़े कास्टिंग डायरेक्टर हार्वी वुड आए और उन्होंने मुझे पुलिस इंस्पेक्टर के रोल के लिए सिलेक्ट कर लिया। हालांकि मैंने पहले फिल्मों में हीरो और विलेन के रोल किए थे, पता नहीं मुझे पुलिस इंस्पेक्टर बनकर ही क्यों पॉप्युलैरिटी मिली। मुझे ढेर सारे ऐक्टिंग प्रॉजेक्ट्स मिले, लेकिन सभी में मेरे लिए पुलिस इंस्पेक्टर का ही रोल था।’

इन्हें जब फ़िल्म ‘लोहा’ और ‘नाइंसाफी’ में पुलिस कमिश्नर का रोल मिला तो उन्होंने कहा था- “चलो, मेरा प्रमोशन तो हुआ।”

जगदीश राज का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है क्योंकि उन्होंने 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर का रोल प्ले किया था। पर इसके पीछे की कहानी क्या है, यह खुद जगदीश राज ने बताई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि जगदीश राज का गिनीज में नाम हॉलिवुड के एक मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर की बदौलत शामिल हुआ।
हॉलिवुड के कास्टिंग डायरेक्टर ने उनकी फ़िल्मों की लंबी लिस्ट देखकर ‘गिनीज बुक की टीम’ को जाँच के लिए मुंबई बुलवाया और फ़िल्मी निरीक्षक का किरदार निभाने का रिकॉर्ड बनाने के लिए ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में इनका नाम दर्ज हो गया।
इसका किस्सा खुद जगदीश राज ने एक इंटरव्यू में बताया था। यह 60 के दशक की बात है और उस हॉलिवुड डायरेक्टर का नाम था Harvey Wood।
जगदीश राज ने बताया था, ‘1960 में हॉलिवुड के एक बड़े कास्टिंग डायरेक्टर हार्वी वुड आए और उन्होंने मुझे पुलिस इंस्पेक्टर के रोल के लिए सिलेक्ट कर लिया। हालांकि मैंने पहले फिल्मों में हीरो और विलेन के रोल किए थे, पता नहीं मुझे पुलिस इंस्पेक्टर बनकर ही क्यों पॉप्युलैरिटी मिली। मुझे ढेर सारे ऐक्टिंग प्रॉजेक्ट्स मिले, लेकिन सभी में मेरे लिए पुलिस इंस्पेक्टर का ही रोल था।’

जगदीश राज ने 1992 में अपने फ़िल्मी कैरियर से सन्यास ले लिया। अन्तिम समय में वे श्वास संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और #28_जुलाई_2013 को इनका निधन इनके जुहू स्थित घर में हो गया।
फ़िल्म निर्देशक राहुल रवैल, फ़िल्म निर्माता अशोक पंडित, अभिनेत्री सौम्या टंडन सहित विभिन्न अभिनेताओं ने उनकी मृत्यु पर शोक प्रकट किया।
इनके सम्बंधियों और रिश्तेदारों में उनकी दो पुत्रियाँ अनीता राज एवं रूपा मल्होत्रा और दामाद राकेश मल्होत्रा शामिल हैं।

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