उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उत्तर प्रदेश विधान मंडल के मानसून सत्र-2025 के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट को पटल पर रखा, जिसका उद्देश्य प्रदेश के विकास को नई दिशा देना है। यह दस्तावेज़ रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप 25 करोड़ प्रदेश वासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करता है।
*विजन डॉक्यूमेन्ट की मुख्य बातें:*
– *विकास और समृद्धि*: प्रदेश की समृद्ध विरासत पर गर्व करते हुए बिना भेदभाव के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ विकास एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ना।
– *जनभागीदारी*: आम जनता के विचारों को जानने के लिए क्यूआर कोड जारी किया जाएगा, जो विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए जाएंगे।
– *सहयोगात्मक प्रयास*: सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन का संचालन केवल सहयोगात्मक माहौल में ही संभव है।
– *नवाचार*: विधान सभा में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटाइजेशन, गैलरी और सभाकक्ष के नवीनीकरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं ¹ ²।
*सदन की कार्यवाही:*
– *सकारात्मक चर्चा*: सदस्यों से आग्रह किया गया है कि वे संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए अपने सुझाव सदन में प्रस्तुत करें और सकारात्मक माहौल में चर्चा को बढ़ावा दें।
– *सहयोग का भरोसा*: सभी दलों ने सदन में सकारात्मक भूमिका निभाने और प्रदेश के विकास के मुद्दों पर चर्चा करने का संकल्प जताया है।
*विजन डॉक्यूमेन्ट का महत्व:*
– *प्रदेश के विकास की दिशा*: यह दस्तावेज़ प्रदेश के भविष्य की दशा और दिशा तय करेगा।
– *मील का पत्थर*: ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेन्ट प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा ¹ ²।




