समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में महान समाज सुधारक संत गाडगे की 66वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
श्री यादव ने कहा कि संत गाडगे घूमते फिरते सामाजिक शिक्षक थे। वे मिट्टी का कटोरा साथ लेकर पदयात्रा किया करते थे, यही उनकी पहचान है। उन्होंने अपने कीर्तनों से अंधविश्वास और पाखण्ड के प्रति लोगों को जागरूक किया। वे महाराष्ट्र के गांवों में स्कूल, गोशालाएं, धर्मशाला, छात्रावास, अस्पताल बनवाए और जानवरों के लिए भी व्यवस्थाएं की। उनकी कहीं कुटिया तक नहीं थी।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि संत गाडगे को दया, करूणा, मातृभाव, मानव कल्याण और दीन हीनो की सहायता के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। डॉ0 भीमराव अम्बेडकर भी उनका बड़ा सम्मान करते थे। संत गाडगे कहते थे ‘शिक्षा बड़ी चीज है‘ पैसे की तंगी हो तो खाने के बर्तन बेच दो, टूटे-फूटे मकान में रह लो, पर बच्चों को शिक्षा जरूर दिलाओ।
इस अवसर पर सर्वश्री राजेन्द्र चौधरी, नरेश उत्तम पटेल, डॉ0 मनोज पाण्डेय, आशु मलिक, अतुल प्रधान, पंकज मलिक, अरविन्द कुमार सिंह, राज कुमार मिश्रा, सोनू कन्नौजिया, रामबृक्ष सिंह, के.के. श्रीवास्तव, डॉ0 हरिश्चन्द्र, निखिल कन्नौजिया, अभिषेक यादव, मोनू कन्नौजिया, रामकिशुन कनौजिया, आदर्श, भूपेन्द्र दिवाकर, जयराम कनौजिया, सनी कन्नौजिया, महेन्द्र यादव छात्र नेता, हिमांशु संघर्षी, धीरज दार्शनिक, राम विनय रावत आदि ने भी संत गाडगे को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
महान समाज सुधारक संत गाडगे की 66वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।



