ख़्वातीन-ओ-हज़रात!
शेर-ओ-सुख़न की दुनिया में #वसीम_बरेलवी साहब का नाम किसी तआरुफ़ का मोहताज नहीं, बैनुल-अक़वामी शोहरत के हामिल वसीम साहब के हवाले से एक तशवीशनाक ख़बर आई है.
बहरीन के एक मुशायरे में शिरकत करके जब वसीम साहब दिल्ली एयरपोर्ट से बरेली वापस आ रहे थे तो घने कोहरे की वजह से उनकी कार एक हादसे का शिकार हो गई जिसमें वसीम साहब शदीद तौर से ज़ख़्मी हो गए, दिल्ली के एक हस्पताल में उनकी सर्जरी हुई. अपने लाखों परिस्तारों की दुआओं से अब वसीम साहब ख़तरे से बाहर हैं.
इस सिलसिले में आपसे गुज़ारिश है कि वसीम बरेलवी साहब की जल्द सेहतयाबी और दराज़ी-ए-उम्र के लिए दुआ फ़रमाएं ताकि हम सबके चहेते शायर वसीम साहब सेहतयाब होकर हमारे बीच जल्द ही तशरीफ़ लाएं, आमीन!
रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है
~ वसीम बरेलवी





