दिनांक 25 जुलाई 2025 को बिहार विधानसभा की कार्यवाही में विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सरकार ने इसे निष्पक्ष और आवश्यक प्रक्रिया बताकर पलटवार किया।
विपक्ष ने SIR के मुद्दे पर चर्चा की मांग की और इसे दलित, आदिवासी, और गरीब समुदायों को वोटिंग अधिकार से वंचित करने की साजिश करार दिया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने SIR प्रक्रिया में कथित धाँधली का आरोप लगाते हुए विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी।
सरकार और चुनाव आयोग ने SIR की पारदर्शिता का दावा किया और विपक्ष के आरोपों का खंडन किया। संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने विपक्ष पर गैर-जरूरी हंगामा करने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने SIR विवाद को “लालू विवाद” में बदलने का प्रयास किया और विपक्ष के हंगामे को राजनीतिक स्टंट करार दिया।
यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सियासी माहौल तैयार करने में अहम रहा। विपक्ष और सरकार के बीच की नोकझोंक ने राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।





