शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई विवादित याचिका के विरोध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है । रविवार को वसीम रिजवी के खिलाफ लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित बड़ा इमामबाड़ा के पास जलसा जलसा तहफ़ूज़ज़े क़ुरआन का आयोजन किया गया जिसमें शिया और सुन्नी दोनों ही फिरको के धर्मगुरुओं ने शिरकत कर एक आवाज़ में सरकार से मांग की कि पवित्र कुरान का अपमान करते हुए पवित्र कुरान से 26 आयतों को रिमूव करने की मांग वाली याचिका करने वाले वसीम रिजवी को आतंकवादी घोषित करते हुए उसके खिलाफ आतंकवाद का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए ।
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी के आवाहन पर आयोजित जलसे तहत आयोजित जलसे में मौलाना सलमान नदवी, टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फ़ज़ले मन्नान वायज़ी, मौलाना कल्बे नूरी, मौलाना आदिल फ़राज़ के अलावा शिया सुन्नी समुदाय के अनेक धर्मगुरु के साथ स्वामी सारंग भी उपस्थित थे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के वकील मेहमूद पराचा ने भी इस विरोध सभा में शिरकत की । जलसा तहफ़ूज़ज़े कुरान के आयोजक मौलाना कल्बे जावाद नक्वी द्वारा नारा दिया गया कि अपनी कूवत अपनी शान एक नबी है एक कुरान । पवित्र कुरान की बेहुरमती करते हुए न्यायालय में अनुचित विवादित याचिका दायर करने वाले वसीम रिजवी के खिलाफ न सिर्फ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए बल्कि विरोध सभा में भाग लेने आए हजारों लोगों ने वसीम रिजवी चोर के नारे भी लगाए । 2 दिन पूर्व बुलाई गई
इस विरोध सभा से पहले पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे डीसीपी पश्चिम देवेश पांडे पूरे पुलिस अमले के साथ मौजूद थे और रूमी गेट पुलिस चौकी के पास बैरी केटिंग कर दी गई थी क्योंकि यह आवाहन भी किया गया था कि विरोध सभा के बाद छोटे इमामबाड़े तक एक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा विरोध मार्च की अनुमति न होने की वजह से पुलिस ने रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया था । करीब 3 घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में आए धर्मगुरु ने एक स्वर में वसीम रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की