किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जी की हालत वास्तव में चिंताजनक है। उनके 45 दिनों के आमरण अनशन के बावजूद, भाजपा सरकार उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है ¹। यह न केवल उनकी सेहत के लिए खतरनाक है, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की निष्ठुरता को भी दर्शाता है।
किसान आंदोलन में 750 किसानों की जान जाने के बावजूद, सरकार अभी भी किसानों की मांगों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है। किसानों की मांगें जैसे कि एमएसपी पर खरीद की गारंटी, स्वामीनाथन आयोग के हिसाब से कीमत, और किसानों का कर्ज माफ करना आदि महत्वपूर्ण हैं ²।
प्रियंका गांधी वाद्रा जी की अपील से सहमत होते हुए, मैं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अपील करता हूं कि वे किसानों की मांगों पर ध्यान दें और डल्लेवाल जी का अनशन खत्म कराने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।




