नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय कार्यालय में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ रिसर्चर, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन ऐक्ट लागू होने से सूचना का अधिकार (RTI) में हुए बदलावों पर चर्चा की गई ¹।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सरकार से सवाल करने का अधिकार देता है और सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है ¹। यह अधिनियम नागरिकों को सरकारी अधिकारियों से सूचना मांगने का अधिकार देता है और सरकार को नागरिकों को सूचना प्रदान करने के लिए बाध्य करता है ¹।
हालांकि, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन ऐक्ट लागू होने से RTI में कुछ बदलाव हुए हैं, जो नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं ¹। इसलिए, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करना बहुत महत्वपूर्ण था।




