शिया हेल्प लाइन 6 रमजान 19 अप्रैल 2021
कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन षुरू की गयी है जिस मे महिलाओं केप्रष्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
शिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12 बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।
प्रश्न-क्या कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए वज़ू के बाद सेनेटाइज़र लगा कर नमाज अदा करना जायज़ है?
उत्तर- कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए वज़ू के बाद सेनेटाइज़र लगा कर नमाज अदा कर सकता है।
प्रश्न-यदि कोई बिमार या बुजुर्ग व्यक्ति पूरे एक महीने तक रोज़ा नहीं रख सकता है, तो क्या वह एक बार में तीस दिन का एक साथ फिदया दे सकता है?
उत्तर-यदि वह समझता कि वह पूरे एक महीने तक रोज़ नहीं रख पाएगा, तो रोज़ो का कफफारा यानी फिदया एक बार एकठठा दे सकता है।
प्रश्न: अगर किसी व्यक्ति को पेशाब आने की बिमारी हो एक एक बूॅद निकलता हो तो क्या उसका रोज़ा सही होगा?
उत्तर: रोज़ा रख सकता है और रोज़ा सही होगा लेकिन नमाज़ के लिए पाक होना ज़रूरी है
प्रश्नः अगर किसी रोज़ेदार को हालते रोज़ा में बहुत ज्यादा डेकार आए तो रोज़ा टूट जाएगा?
उत्तर: सिर्फ डेकार आने से रोज़ा नही टूटेगा लेकिन अगर डेकार के साथ कुछ खाना मुॅह में आ जाए और उसको फिर से खा जाए तो रोज़ा टूट जाएगा।
प्रश्नः क्या तकलीद मर्द औरत और बच्चा सब पर अनिवार्य है?
उत्तर: तकलीद हर मर्द और औरत जो अकलमंद हो बालिग हो उन पर वाजिब और ज़रूरी है।