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प्रश्न: क्या ईद की नमाज़ अकेले घर पर पढ़ी जा सकती है

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कार्यालय आयतुल्लाह अल उज़मा सैयद सादिक़ हुसैनी षीराज़ी से जारी हेल्प लाइन पर नीचे दिए गये प्रष्नो के उत्तर मौलाना सैयद सैफ अब्बास नक़वी ने दिए-
नोट- महिलाओं के लिए हेल्प लाइन षुरू की गयी है जिस मे महिलाओं केप्रष्नों के उत्तर खातून आलेमा देेगीं इस लिए महिलाओं इस न0 पर संपर्क करें। न0 6386897124
षिया हेल्प लाइन में तमाम मराजए के मुकल्लदीन के दीनी मसायल जानने के लिए स्ुाबह 10 -12  बजे तक 9415580936- 9839097407 इस नम्बर पर संपर्क करें। एवं ईमेलः उंेंमस786/हउंपसण्बवउ पर संपर्क करें।

प्रश्न: अगर कोई पुत्र अपने पिता का फितरा दे दे तो क्या पिता को फितरा देना होगा ?
उत्तर: अगर पुत्र ने अपने पिता की ओर से फितरा दे दे तो उसका फितरा देना मान्य होगा पिता को फितरा देने की आवष्यकता नही है।
प्रश्न: क्या ईद की नमाज में दोनो खुतबो का सुनना अनिवार्य है?
उत्तर: ईद की नमाज का खुतबा सुनना अनिवार्य नही है लेकिन अगर सुना जाए तो बेहतर है।
प्रश्न: क्या ईद की नमाज़ अकेले घर पर पढ़ी जा सकती है
उत्तर: ईद की नमाज अकेले घर पर पढ़ी जा सकती है
प्रश्न: क्या ईद की नमाज़ मे जो सुरा याद हो उसे दानों रकात मे पढ़ा जा सकता है।
उत्तर: ईद की नमाज़ मे खास सुराह याद ना हो तो कोई दुसरा पढ़ा जा सकता है

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