प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पुराने वक्फ कानून और नए वक्फ संशोधन कानून को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने पुराने वक्फ कानून की आलोचना करते हुए कहा कि यह दशकों से पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का प्रतीक बना हुआ था। उनके अनुसार, इसकी वजह से खास तौर पर मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों के हितों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुराने कानून के तहत तुष्टिकरण की राजनीति ने कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया, जबकि आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिला।
नए वक्फ कानून की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि संसद से पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगा। उनके मुताबिक, यह कानून वक्फ की पवित्र भावना को संरक्षित करेगा और विशेष रूप से उन लोगों को लाभ पहुंचाएगा जो लंबे समय से हाशिए पर रहे हैं। पीएम ने यह भी जोर दिया कि अब कमजोर वर्गों को वक्फ से जुड़े नोटिस से डरने की जरूरत नहीं होगी, और यह कानून समावेशी विकास को मजबूत करेगा।
यह बयान उन्होंने विभिन्न मौकों पर, जैसे राइजिंग इंडिया समिट 2025 और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए, दिए, जिसमें उन्होंने नए कानून को ऐतिहासिक और समाज के लिए मददगार करार दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए वक़्फ़ कानून की तारीफ की





