ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की एक प्रेसवार्ता आज बोर्ड के अध्यक्ष, मौलाना सैय्यद साएम मेंहदी नक़वी के नेतृत्व में यू०पी० प्रेस क्लब लखनऊ में आयोजित हुई।
जिसमें ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने वसीम रिजवी के उस बयान की कड़े शब्दों में निन्दा की जिसमें वसीम रिजवी ने मुसलमानों के सबसे बड़े रसूल सरदारे अम्बिया हजरत मोहम्मद साहब स.अ. के खिलाफ बयान दिया है। वसीम रिजवी ने इससे पहले कुरऑन शरीफ की 26 आयतों पर टिप्पणी करके उसे कुरऑन से हटाने की मांग की थी।
जिसकी ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने सख्त निन्दा की थी। हज़रत मोहम्मद साहब उस चमकते हुए सूरज की तरह है जिनकी तालीमात और उपदेश 14 सौ बरस से दुनियां में रौशनी बिखेर रहे हैं। चांद पर खाक डालने से चांद का कुछ नहीं बिगड़ता बल्कि खाक डालने वाले का मूह काला हो जाता है।
भारत एक ऐसा देश है जहां हर धर्म के मानने वाले लोग रहते हैं हमारा संविधान हमें धार्मिक आजादी देता है कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म का अपमान नहीं कर सकता। इस्लाम भी वह धर्म है जो दूसरे धर्मों के अपमान करने को मना करता है। वसीम रिजवी ने इस्लाम धर्म के लाने वाले हजरत मोहम्मद साहब के लिए अपशब्द बोलकर न सिर्फ इस्लाम के खिलाफ काम किया है बल्कि भारत के संविधान के खिलाफ भी काम किया है।
अतः ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड भारत सरकार से और खास तौर से उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता है कि वह उन लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त और कठोर कार्यवाही करे जो देश और प्रदेश में नफरत फैलाकर प्रदेश के माहौल को खराब करना चाहते हैं संविधान के विरुद्ध काम करते हुए देश के गद्दार और दोषी हैं।
ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड उ0प्र0 सरकार से मांग करता है कि वह वसीम रिजवी पर एवं उसकी गतिविधियों पर तुरन्त पाबंदी लगाये और इसको सख्त से सख्त और कड़ी सजा दें इसके अलावा वसीम रिजवी द्वारा लिखी गई किताब जो इस्लाम धर्म और मोहम्मद साहब के ख़िलाफ है उसको तुरन्त बैन करे और इस किताब की बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाए।
ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड आगे की रणनीति के लिए जल्द ही कार्यकारिणी की बैठक करके उसकी घोषणा करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को बोर्ड के अध्यक्ष, मौलाना सैयद साएम मेंहदी साहब के अलावा मौलाना जाहिद अहमद साहब, मौलाना जहीर इफ्तेखारी साहब, मौलाना डॉ० मोहम्मद रजा साहब, मौलाना मिर्जा जाफर अब्बास साहब, मौलाना अनवर हुसैन रिजवी साहब, मौलाना इन्तेजाम हैदर साहब, मौलाना एजाज अतहर साहब, मौलाना गुलाम हुसैन सदफ साहब आदि ने सम्बोधित किया।
