शाह महमूद कुरैशी ने काबुल में भारत की उपस्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने तर्क दिया कि भारत और अफगानिस्तान कोई सीमा साझा नहीं करते। फिर भी इन दोनों देशों के बीच इतने घनिष्ठ संबंध क्यों हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक बार फिर अपने विवादित बयानों से बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने आतंकवादी संगठन तालिबान को हिंसा के लिए जिम्मेदार मानने से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं, कुरैशी ने तो भारत के ऊपर ही अफगानिस्तान से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का झूठा आरोप लगा दिया। उनके इस बयान की अफगानिस्तान ही नहीं, पाकिस्तान के भी राजनेताओं ने निंदा की है। वह पहले भी अपने इसी बड़बोलेपन से सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज कर चुके हैं।