गीतकार जावेद अख्तर ने हाल ही में एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पाकिस्तान और जहन्नुम (नरक) में से किसी एक को चुनना पड़े, तो वे नर्क जाना पसंद करेंगे। उनका यह बयान पाकिस्तान की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है, खासकर पहलगाम आतंकी हमले के बाद।
जावेद अख्तर ने कहा, “एक तरफ कहते हैं कि तुम काफिर हो और नरक में चले जाओ। दूसरी तरफ कहते हैं कि तुम जिहादी हो और पाकिस्तान चले जाओ। अगर मुझे नरक और पाकिस्तान में से किसी एक को चुनना पड़े तो मैं नरक जाना पसंद करूंगा।” उन्होंने कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाई और कहा कि वे दोनों तरफ से आलोचना का सामना कर रहे हैं ¹।
*जावेद अख्तर के बयान के मुख्य बिंदु:*
– *पाकिस्तान की आलोचना*: जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की नीतियों और कट्टरपंथी मानसिकता की आलोचना की।
– *कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज*: उन्होंने कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाई और कहा कि यह समाज के लिए हानिकारक है।
– *आलोचना का सामना*: जावेद अख्तर ने कहा कि वे दोनों तरफ से आलोचना का सामना कर रहे हैं, लेकिन वे अपने विचारों पर कायम हैं।
जावेद अख्तर का यह बयान उनके बेबाक और स्पष्ट विचारों को दर्शाता है, जो अक्सर उनके बयानों में देखने को मिलता है।




