अनंतनाग, 23 अप्रैल 2025: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए स्थानीय निवासी सैयद आदिल हुसैन शाह के जनाजे में हिस्सा लिया। यह हमला मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे पहलगाम के बैसरन मैदान में हुआ, जिसमें आतंकवादियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में 28 लोगों की मौत हुई, जिनमें सैयद आदिल हुसैन शाह भी शामिल थे।
हमले का विवरण और शहीद की पृष्ठभूमि
सैयद आदिल हुसैन शाह, बेलगांव (पहलगाम) के निवासी, एक घुड़सवार थे जो पर्यटकों को घोड़े की सवारी करवाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके दो छोटे भाई-बहन हैं। हमले के समय आदिल अपने काम के सिलसिले में बैसरन मैदान में मौजूद थे, जहां आतंकवादियों ने उन पर गोली चला दी। उनके पिता, सैयद हैदर शाह, ने बताया कि दोपहर 3 बजे हमले की खबर मिलने के बाद उन्होंने आदिल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन बंद था। बाद में पुलिस स्टेशन से उन्हें बेटे की शहादत की दुखद खबर मिली।
सीएम उमर अब्दुल्ला का बयान
जनाजे में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया और कहा, “हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और इस सदमे से पीड़ित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमारे मेहमान छुट्टियां मनाने के लिए बाहर से आए थे, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें ताबूतों में वापस भेजा गया। हमें आदिल हुसैन के परिवार का ख्याल रखना है।” उन्होंने इस हमले को हाल के वर्षों में नागरिकों पर हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला करार दिया।
आतंकी हमले की जिम्मेदारी और जांच
पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादी जम्मू के किश्तवाड़ से कोकेरनाग के रास्ते बैसरन पहुंचे हो सकते हैं। हमले में कुछ आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर गोलीबारी की, और चश्मदीदों के अनुसार, उन्होंने धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया। इस हमले में एक इजरायली और एक इतालवी नागरिक सहित 28 लोग मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए। घायलों का इलाज अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
प्रशासन और जनता की प्रतिक्रिया
हमले के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रीनगर में नवा-ए-सुबह से लाल चौक तक मार्च निकाला, जिसमें उमर अब्दुल्ला के बेटे जहीर और जमीर भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘निर्दोष लोगों की जान लेना बंद करो’ और ‘हिंसा कभी नहीं जीतेगी’ जैसे नारे लगाए। जम्मू-कश्मीर सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
केंद्र सरकार का रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना के कमांडर शामिल थे। पीएम मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया।
पर्यटन पर प्रभाव
इस हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है। श्रीनगर हवाई अड्डे से 6 घंटे में 3,337 पर्यटक अपने गंतव्यों को लौट गए, और होटल बुकिंग रद्द होने से टूर ऑपरेटरों को भारी नुकसान हुआ है। उमर अब्दुल्ला ने पर्यटकों के लौटने पर दुख जताया और पर्यटन को पुनर्जनन के लिए प्रयासों का आह्वान किया।
परिवार की मांग
सैयद आदिल के परिवार ने सरकार से न्याय की मांग की है। उनके भाई शहीद हैदशा ने कहा, “वह बेगुनाह था, उसे क्यों मारा गया? हमें इंसाफ चाहिए।” परिवार ने बताया कि आदिल की शादी हो चुकी थी, लेकिन उनका एकमात्र बच्चा पहले ही गुजर चुका है।
यह हमला कश्मीर की शांति और पर्यटन को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, और आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले में शहीद सैयद आदिल हुसैन शाह के जनाजे में शामिल हुए सीएम उमर अब्दुल्ला




