कोरोना की देश में दूसरी लहर के बीच वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की सलाह है कि अगले दो साल तक के लिए लोगों को सामाजिकता के नियम बदल देने चाहिए।
फेसबुक पर 20 अप्रैल को लिखे एक पोस्ट में उन्होंने अपील की कि इस दौर में ‘बोल्ड और कॉन्फिडेंस’ में रहने की सलाह देने वालों से सावधान रहिए, फंस जाइयेगा। ऐसे लोगों को आप किसी अस्पताल लेकर जाएं, जहां लोग अपनों को लेकर अस्पताल वाले से गिड़गिड़ा रहे होते हैं। तब उन्हें समझ आएगा कि कोरोना का संबंध आपके बोल्ड रहने या कांफिडेंस से नहीं होता। यह एक ख़तरनाक वायरस है, जो शरीर में प्रवेश करने के बाद कब किस रूप में घात लगाएगा किसी को पता नहीं होता है। आप चाहें बलशाली हों या बोल्ड हों, उससे कोरोना को फर्क नहीं पड़ता।”
बकौल रवीश, “कोरोना से हर किसी को डरना चाहिए। डरने का मतलब सावधान रहने से है। अपने आप को सुरक्षित रखिए। कोरोना को ध्यान में रखते हुए अगले दो साल के लिए सामाजिकता बदल दीजिए। एक साल के लिए घर के भीतर किसी भी मेहमान के आने पर रोक लगा दीजिए।”
उन्होंने आगे लिखा, परिवार के सदस्यों की खातिरदारी भी बंद कर दीजिए। कोई आ भी गया तो चाय पानी कुछ न पूछें। जैसे ही आप चाय देंगे, वह मास्क उतारेगा और संक्रमित हो जाएगा। आपको संक्रमित कर देगा। मेहमान को भी बुरा नहीं लगना चाहिए। शादी ब्याह वैसे भी फालतू आयोजन हैं। इनमें जाने से बचिए। कोरोना के दौर में यह जितना व्यक्तिगत मामला रहे उतना ही अच्छा है। बेहतर है जिनके यहां शादी हैं वे भी लोगों को न बुलाएं और न ही आने के लिए दबाव डालें।