आप मिठाई खाने के शौकीन हैं। तीज-त्योहारों या मांगलिक अवसरों पर मुंह मीठा करने-कराने की परंपरा को मानते हैं तो सतर्क हो जाइए। शहर से लेकर गांव तक के मिठाई दुकानदार घटतौली कर आपको चूना लगा रहे हैं। कम तौलने के साथ ये महंगी मिठाई के दाम में वजनदार डिब्बों को शामिल कर रहे हैं। इस कलाबाजी में बड़ी दुकानें भी शामिल हैं। बीते दो माह में विधिक माप विज्ञान विभाग ने घटतौली के 17 मामलों में कार्रवाई की है, जिसमें मिठाई 11 दुकानें हैं।
मिठाई बेचने वाले बहुत से दुकानदार ग्राहकों के साथ धोखा कर रहे हैं। एक डिब्बे का अमूमन 100 ग्राम वजन होता है। इससे एक किलो मिठाई लेने पर ग्राहक को 900 ग्राम ही मिठाई मिल रही है। हाल में ही बेतियाहाता स्थित एक प्रतिष्ठित मिठाई की दुकान पर विधिक माप विज्ञान विभाग ने इस तरह का मामला पकड़ा था। दुकानदार एक किलो का पैसा लेकर सिर्फ 904 ग्राम मिठाई दे रहे थे।
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम 1982 के तहत कोई भी दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बा नहीं तौल सकता है। इसके लिए उसे पहले बताना होगा कि एक किलोग्राम मिठाई दे रहा है या फिर 900 ग्राम। सूचना दिए बगैर डिब्बे को भी मिठाई के साथ तौलना नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने पर उपभोक्ता के अधिकारों का हनन है। वह सीधे उपभोक्ता फोरम में न्याय के लिए जा सकता है। इस मामले में जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है।