तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तमिलनाडु दौरे के साथ ही ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, AIADMK महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के हाल के दिल्ली दौरे ने इन अटकलों को और हवा दी है। सूत्रों की मानें तो EPS ने दिल्ली में शाह से मुलाकात की थी, जिसके बाद 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
AIADMK और BJP पहले भी 2019 और 2021 के चुनावों में गठबंधन कर चुके हैं, लेकिन 2023 में कुछ मतभेदों के चलते यह रिश्ता टूट गया था। अब दोनों पार्टियों के बीच फिर से गठजोड़ की संभावना बनती दिख रही है। शाह का यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को चुनौती देने के लिए विपक्षी दलों को मजबूत गठबंधन की जरूरत है।
EPS के दिल्ली दौरे का सियासी मकसद
EPS का हालिया दिल्ली दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। माना जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने न केवल शाह, बल्कि BJP के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। चर्चा का मुख्य केंद्र तमिलनाडु में DMK के खिलाफ एक मजबूत विपक्षी मोर्चा तैयार करना रहा। सूत्रों के मुताबिक, EPS ने गठबंधन की शर्तों और सीट बंटवारे जैसे मुद्दों पर भी बातचीत की। हालांकि, AIADMK की ओर से अभी तक गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन EPS ने कहा कि उनकी दिल्ली यात्रा का मकसद राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना था।
नए समीकरणों की संभावना
तमिलनाडु की राजनीति में यह गठबंधन कई नए समीकरण बना सकता है। AIADMK का मजबूत जनाधार और BJP की केंद्रीय सत्ता की ताकत मिलकर DMK के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। लेकिन इस गठबंधन की राह आसान नहीं है। AIADMK और BJP के बीच पहले हुए मतभेद, खासकर तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई के कुछ बयानों ने रिश्तों में खटास पैदा की थी। अब सवाल यह है कि क्या दोनों दल पुरानी कड़वाहट को भुलाकर एकजुट हो पाएंगे?
इसके अलावा, तमिलनाडु में अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के उभरने से भी समीकरण बदल रहे हैं। ऐसे में AIADMK और BJP का गठबंधन कितना प्रभावी होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
क्या है शाह का मिशन?
अमित शाह का तमिलनाडु दौरा BJP की रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। शाह ने चेन्नई में पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें कीं और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। माना जा रहा है कि वह AIADMK के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं, ताकि गठबंधन को अंतिम रूप देने की दिशा में बात आगे बढ़े। शाह का यह दौरा न केवल तमिलनाडु, बल्कि दक्षिण भारत में BJP की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
आगे क्या?
तमिलनाडु की सियासत में अगले कुछ महीने काफी अहम होने वाले हैं। अगर AIADMK और BJP के बीच गठबंधन होता है, तो यह DMK के लिए बड़ा सियासी झटका हो सकता है। लेकिन गठबंधन की शर्तें, नेतृत्व का सवाल और क्षेत्रीय समीकरण इसकी सफलता को तय करेंगे। फिलहाल, शाह का दौरा और EPS की दिल्ली यात्रा ने तमिलनाडु की सियासत में नई जान फूंक दी है, और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह गठबंधन वास्तव में हकीकत बन पाएगा।
तमिलनाडु की सियासत में हलचल: अमित शाह के दौरे और EPS की दिल्ली यात्रा से गठबंधन की चर्चा तेज




