विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी की दादागिरी नहीं मानने वाला और अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों के अनुरूप है और वे किसी बाहरी दबाव में नहीं आएंगे।
*मुख्य बिंदु:*
– *भारत की स्थिति*: जयशंकर ने कहा कि भारत अपने हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा और किसी की दादागिरी नहीं मानेगा।
– *रूस का समर्थन*: रूस ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि कोई भी टैरिफ वॉर या प्रतिबंध इतिहास की प्राकृतिक दिशा को नहीं रोक सकते।
– *अमेरिका की नीतियों की आलोचना*: रूस ने अमेरिका पर राजनीतिक रूप से प्रेरित आर्थिक दबाव बनाने का आरोप लगाया।
– *भारत-अमेरिका संबंध*: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव है, खासकर टैरिफ और ऊर्जा आयात के मुद्दों पर।
*पृष्ठभूमि:*
– *भारत की ऊर्जा जरूरतें*: भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेल आयात करता है, जिसमें रूस एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
– *अमेरिकी दबाव*: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर वह रूस से तेल खरीदना जारी रखता है।
*अगले कदम:*
– *भारत की प्रतिक्रिया*: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वतंत्र है और अमेरिकी दबाव में नहीं आएगा।
– *अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया*: रूस ने भारत का समर्थन करते हुए कहा कि कोई भी टैरिफ वॉर या प्रतिबंध इतिहास की प्राकृतिक दिशा को नहीं रोक सकते [1][2].




