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कोलकाता में अवैध बच्चा बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, नेटवर्क से सैकड़ों एजेंट जुड़े

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कोलकाता । कोलकाता पुलिस ने एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अवैध बच्चा बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए कोलकाता पुलिस ने कहा कि लगभग 100 सरोगेट मां और सैकड़ों एजेंट इस नेटवर्क का हिस्‍सा हैं।

पुलिस ने बताया कि इस रैकेट के मुख्य आरोपियों में से एक ममता पात्रा ने पूछताछ के दौरान यह बताया कि सरोगेट माताओं के गर्भ के माध्यम से नवजात शिशुओं को न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी निःसंतान दंपतियों को बेचा जाता था। आरोपी ममता पात्रा ने कहा कि उसने अपनी सहयोगी स्वप्ना सरदार के साथ बांग्लादेश में एक एजेंट नेटवर्क विकसित किया था, जो खरीदार और विक्रेता के बीच एक कड़ी का काम करता था। स्वप्ना सरदार भी पुलिस की हिरासत में है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में शहर के दो ”इन विट्रो फर्टिलाइजेशन” (आईवीएफ) विशेषज्ञों के संबंधों की भी पहचान की है। इस मामले में दोनों से पूछताछ की जाएगी। आगे की जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए बांग्लादेश में कितने बच्‍चों की तस्करी की गई है। इस पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
इस पूरे मामले में पहले ही आनंदपुर स्थित आईवीएफ केंद्र पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया जा चुका है, जो इस तस्करी में शामिल हैं। पुलिस इस ‘बाल तस्करी रैकेट’ का भारत के अन्य राज्यों में भी फैले होने की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पश्चिम बंगाल के बाहर उनके विस्तृत संबंधों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।”
पुलिस को इस रैकेट के बारे में एक अगस्त को पता चला, जब रूपाली मंडल को अपना बच्‍चा एक अन्य महिला कल्याणी गुहा को बेचने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस आरोप में दोनों को हिरासत में ले लिया गया था, वहीं 23 जुलाई को, उत्तर 24 परगना जिले में जयदेब और साथी चौधरी नाम के एक जोड़े को शराब खरीदने के लिए अपने बच्चे को बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसमें बच्चे के दादा कनाई चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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