कोरोना पॉजिटिव गुरमीत राम रहीम का इलाज गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में चल रहा है. वहीं अब ये जानकारी मिली है कि उसकी देखभाल की जिम्मेदारी हनीप्रीत ने ली है. हनीप्रीत ने अटेंडेट के तौर पर कार्ड भी बनवा लिया है.
अब जानकारी मिली है कि हनीप्रीत ने 15 जून तक के लिए राम रहीम के अटेंडेंट के रूप में अस्पताल में कार्ड बनवा लिया है. आज सुबह 8:30 बजे से ही हनीप्रीत राम रहीम के कमरे में उसकी देखभाल कर रही है. बताया जा रहा है कि राम रहीम के ठीक होने तक हनीप्रीत ही उसकी देखभाल करेगी.
हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली प्रियंका तनेजा 1996 में पहली बार डेरे के कॉलेज में 11वीं क्लास में पढ़ने के लिए आई थी. कुछ समय बाद ही राम रहीम द्वारा प्रियंका तनेजा को नया नाम दिया गया. अब प्रियंका राम रहीम की हनीप्रीत बन चुकी थी.
धीरे-धीरे हनीप्रीत और राम रहीम की नजदीकियां बढ़ने लगी. ऐसे में बाबा के राज भी हनीप्रीत के सामने आने लगे. हनीप्रीत अब गुरमीत राम रहीम की सबसे करीबी बन गई थी. गुरमीत राम रहीम हनीप्रीत को अपनी मुंह बोली बेटी बताता है. Generique du pilules: concurrent comment le asgg.fr/ prendre.
राम रहीम उस पर इतना मेहरबान था कि उसे कभी डेरे से बाहर नहीं जाने दिया. उसकी पढ़ाई लिखाई सब डेरे में ही करवाई गई. वहीं पर उसके नाम पर कई बड़े कारोबार शुरू किए गए. हनीप्रीत का परिवार पिछले काफी समय से डेरे से जुड़ा हुआ था.