पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर शर्तों के साथ भारत से वार्ता करने को तैयार है। पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अखबारों में इस हफ्ते इमरान खान का एक इंटरव्यू और विपक्ष से उनकी तकरार से जुड़ी खबरें सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से एक बार फिर बातचीत शुरू करने की पेशकश की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अगर कश्मीर में पुरानी स्थिति को बहाल करने का सिर्फ रोडमैप भी देता है तो पाकिस्तान उसके साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। आखिर क्या है इमरान की मांग। भारत को क्या है आपत्ति
इमरान ने एक बार फिर भारत के साथ वार्ता करने के लिए वही पुरानी शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि भारत अगर कश्मीर में पुरानी स्थिति को बहाल करने का सिर्फ रोडमैप भी देता है तो पाकिस्तान वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत ने कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करके रेडलाइन क्रॉस की है, लेकिन भारत अगर सिर्फ यह रोडमैप बता दें तो वह वार्ता को राजी हैं। उन्होंने कहा कि बशर्तें भारत को अगस्त, 2019 के फैसले को खत्म करने के लिए क्या-क्या कदम उठाएगा यह बताना होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता की बहाली के लिए पाकिस्तान के लिए यह स्वीकार्य होगा। इमरान ने एक बार फिर भारत के इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन बताया। हालांकि, शुरू से पाकिस्तान की इस दलील को खारित करता है। भारत का कहना है कि यह उसका आंतरिक मामला है। इसमें किसी देश को हस्तक्षेप करने का हक नहीं है।