दिल्ली आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2०2० राज्यसभा ने विपक्ष की गैर मौजूदगी में एक आवाज़ होकर पारित कर दिया | इस विधेयक में खाद्य तेल, दलहन, अनाज, तिलहन, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाने का प्रावधान था |
ऊपरी सदन में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे ने इस विधेयक को राज सभा में पेश किया। इसके बाद सदन में इस पर विपक्ष की गैर हाजिरी में चर्चा हुयी जिसमें भारतीय जनता पार्टी के गोपाल नारायण सिह, अन्नाद्रमुक के एस आर बालासुब्रण्यम, जनता दल यूनाइटेड के रामचंद्र प्रसाद सिह, बीजू जनता दल के अमर पटनायक और टीडीपी के कनकमेदला रवीन्द्र कुमार ने अपनी राय रखी।
जानकारों की माने तो इस विधेयक के कानून बनने पर निजी निवेशकों को उनके व्यापार के परिचालन में अधिक नियामक हस्तक्षेपों की आशंका दूर हो जाएगी। उत्पाद सीमा, उत्पाद,आवाजाही, वितरण और आपूर्ति की स्वतंत्रता से बिक्री की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद मिलेगी |
चर्चा का जबाव देते हुये दानवे ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सम्पूर्ण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया जा सकेगा, किसान मजबूत होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिये मुख्यमंत्रियों की एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया था। इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गए है जिससे बाजार में स्पर्धा बढ़ेगी , खरीद बढेगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा । मंत्री के उत्तर के पश्चात सदन ने कुछ सदस्यों के संशोधनो को क़ुबूल करते हुए एक आवाज़ होकर विधेयक को मंजूरी दे दी। यह विधेयक संबंधित अध्यादेश के स्थान पर लाया गया है।